खाद वितरण में गड़बड़ी हुई तो जिलों के कलेक्टरों पर होगी कार्रवाई
मध्य प्रदेश में खाद की आपूर्ति पर प्रशासन की निगरानी बढ़ेगी। कमी या लापरवाही पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे, जबकि कम बारिश वाले किसानों का सर्वे होगा।

मध्य प्रदेश में किसानों को खाद समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों और एसपी के साथ हुई वर्चुअल बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद और उर्वरक की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। किसानों की जरूरत के मुताबिक खाद पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मांग, उपलब्धता और वितरण की नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद की मांग, स्टॉक और वितरण पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि किसानों को खाद लेने के लिए भटकना न पड़े। किसी जिले में कमी या वितरण में लापरवाही मिलने पर संबंधित कलेक्टर की जवाबदेही तय होगी।
कम वर्षा वाले किसानों को राहत की तैयारी
सीएम ने कम बारिश वाले क्षेत्रों में सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। सर्वे के आधार पर प्रभावित इलाकों और किसानों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को जरूरत और नियमों के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने राहत प्रक्रिया में देरी या लापरवाही से बचने को कहा।





