बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन सख्त, बरगी डैम के 13 गेट खोले गए
बाढ़ के किसी भी खतरे से निपटने के लिए जबलपुर प्रशासन एक्शन मोड में है। बरगी डैम के 13 गेट खोलकर 3988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, और घाटों पर आवाजाही रोक दी गई है।
जबलपुर सहित पड़ोसी जिलों में जिस तरह से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, उसने प्रशासनिक अमले की चिंता बढ़ा दी है। नर्मदा नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन और डैम प्रबंधन ने त्वरित निर्णय लिया और बुधवार को बरगी डैम के चार और गेट खोलने का फरमान जारी कर दिया। अब कुल 13 गेटों के जरिए नर्मदा नदी में बड़ी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रामीणों और घाटों पर जाने वालों को सतर्क किया है।
निकासी का बढ़ा आंकड़ा, अब 3988 क्यूमेक डिस्चार्ज
प्रशासनिक अधिकारियों ने जल प्रबंधन की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मंगलवार तक केवल 9 गेट खुले थे और 1031 क्यूमेक पानी ही निकल रहा था। लेकिन अब चार और गेट खुलने के बाद पानी छोड़ने की मात्रा में बड़ा इजाफा हुआ है। अब कुल 13 गेटों से पानी की निकासी हो रही है और इसे बढ़ाकर 3988 क्यूमेक कर दिया गया है।
2.15 मीटर तक खुले गेट, प्रशासन की पैनी नजर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर को काबू में रखने के लिए डैम के सभी 13 गेट 2.15 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले गए हैं। डैम में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को यह ठोस कदम उठाना पड़ा। बारिश का दौर अभी भी जारी है, इसलिए जल प्रबंधन विभाग लगातार हर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
नर्मदा का जलस्तर 8 से 10 फुट तक बढ़ने के आसार
इस भारी डिस्चार्ज की वजह से नर्मदा नदी का जलस्तर 8 से 10 फुट तक बढ़ने की पूरी संभावना है। प्रशासन को डर है कि इससे नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों और घाटों पर खतरा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के बहाव और बढ़ते जलस्तर को गंभीरता से लें और विशेष सावधानी बरतें।
घाटों और गांवों में प्रशासनिक अलर्ट जारी
खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों को साफ हिदायत दी गई है कि वे सतर्क रहें और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से बिल्कुल न जाएं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले पर्यटकों से भी प्रशासन ने अपील की है कि वे नदी के घाटों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
