हाई कोर्ट से स्टे मिलते ही CMHO की कुर्सी पर लौटे डॉ. गोन्नाड़े, सीएम मोहन यादव ने किया था निलंबित, अब ज्वाइनिंग पर नया विवाद
हाई कोर्ट से निलंबन पर रोक मिलने के बाद डॉ. नरेश गोन्नाड़े ने छिंदवाड़ा CMHO का पदभार ग्रहण किया। वर्तमान CMHO डॉ. अर्चना कैथवास ने ज्वाइनिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
Chhindwara News: छिंदवाड़ा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पद को लेकर नया विवाद सामने आया है। निलंबन पर हाई कोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बाद डॉ. नरेश गोन्नाड़े ने CMHO का पदभार ग्रहण कर लिया। वहीं, वर्तमान CMHO डॉ. अर्चना कैथवास ने ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
सीएम मोहन यादव ने किया था निलंबित
डॉ. नरेश गोन्नाड़े को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 7 अगस्त के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान निलंबित किया गया था। दरअसल जनविश्वास अभियान के तहत शिकायतों की समीक्षा के दौरान प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाड़े को निलंबित करने की घोषणा की थी। इसके बाद 8 अगस्त को निलंबन का औपचारिक आदेश जारी हुआ।
निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे डॉ. गोन्नाड़े
डॉ. गोन्नाड़े ने निलंबन के फैसले को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी। उनके अधिवक्ता देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने दलील दी कि जांच के बिना निलंबन किया जाना उचित नहीं है।
निलंबन पर रोक, सरकार को नोटिस
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने निलंबन पर रोक लगाई और राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने अगले आदेश तक डॉ. गोन्नाड़े को CMHO के रूप में काम जारी रखने के निर्देश भी दिए।
वर्तमान CMHO की गैरमौजूदगी में संभाला पदभार
हाई कोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बाद शुक्रवार को डॉ. गोन्नाड़े CMHO कार्यालय पहुंचे और पदभार ग्रहण कर लिया। उस समय वर्तमान CMHO डॉ. अर्चना कैथवास जनविश्वास कार्यक्रम के सिलसिले में तामिया गई हुई थीं।
डॉ. कैथवास के कार्यालय लौटने पर उन्हें डॉ. गोन्नाड़े की ज्वाइनिंग की जानकारी मिली। इसके बाद पदभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हो गया।
तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
डॉ. अर्चना कैथवास के मुताबिक, ग्रेड-2 कर्मचारी लक्ष्मण बार्डे ने उनकी अनुमति के बिना ज्वाइनिंग लेटर तैयार किया। इसके बाद ऑपरेटर सुमित ने उसे ईमेल के जरिए स्वास्थ्य आयुक्त को भेजा, जबकि क्लर्क ममता साहू ने इसे कार्यालय में पोस्ट किया।
डॉ. कैथवास ने इन तीनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, उन्होंने पूरे मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य आयुक्त से मार्गदर्शन भी मांगा है।
स्वास्थ्य आयुक्त के जवाब का इंतजार
डॉ. गोन्नाड़े की ज्वाइनिंग को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। एक ओर उनके निलंबन पर हाई कोर्ट की रोक है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान CMHO ने पदभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
डॉ. गोन्नाड़े से इस मामले में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। स्वास्थ्य आयुक्त की ओर से मिलने वाले निर्देश और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


