Chhindwara News : मेरा बेटा जिंदा है... कागजों में 'मृत' 12 साल का बच्चा, पिता एक साल से भटक रहे
Chhindwara News : परिजनों का कहना है कि रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने से बच्चे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उसे मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो गया है।
Chhindwara News : छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से सरकारी रिकॉर्ड में कथित लापरवाही का एक मामला सामने आया है। परिवार का दावा है कि ग्राम पंचायत थाबड़ीकला निवासी 12 वर्षीय अनंत सोनी को समग्र आईडी में मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह जीवित है और पूरी तरह स्वस्थ है। इस कथित गलती के कारण परिवार पिछले एक साल से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। परिजनों का कहना है कि रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने से बच्चे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उसे मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो गया है।
समग्र ID में कथित गलती से बढ़ी मुश्किलें
परिवार के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत थाबड़ीकला में रहने वाले अनंत सोनी का नाम समग्र पोर्टल पर मृत के रूप में दर्ज हो गया। बच्चे के पिता बलराम सोनी का कहना है कि यह तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि है।
उनका दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक रिकॉर्ड में कोई सुधार नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि इस एक गलती ने उनके दैनिक जीवन और बच्चे के भविष्य पर सीधा असर डाला है।
स्कूल में प्रवेश और योजनाओं का लाभ हुआ प्रभावित
बलराम सोनी के अनुसार, समग्र आईडी में मृत दर्ज होने के कारण उनके बेटे के स्कूल प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन ने पहले समग्र आईडी में सुधार कराने की बात कही है।
परिवार का यह भी दावा है कि इसी कारण अनंत को मिलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो गया है। उनका कहना है कि एक प्रशासनिक त्रुटि का खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है।
एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगाने का दावा
परिवार का कहना है कि पिछले एक वर्ष से वे पंचायत सचिव, जनपद पंचायत, जनसुनवाई और अन्य संबंधित सरकारी कार्यालयों में लगातार आवेदन दे रहे हैं। बलराम सोनी के अनुसार, उन्होंने 29 दिसंबर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत छिंदवाड़ा को शिकायत दी थी।
इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया गया। परिवार का यह भी दावा है कि 20 मई 2026 को सांसद विवेक बंटी साहू से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं हुआ।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
बलराम सोनी का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे के जीवित होने से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए हैं। उनके अनुसार, पंचायत सचिव से लेकर जनसुनवाई तक कई स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
परिवार का दावा है कि आज भी समग्र पोर्टल पर अनंत सोनी का नाम मृत के रूप में दर्ज दिखाई देता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल रिकॉर्ड सुधारने और यदि लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन के जवाब का इंतजार
इस मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
यदि रिकॉर्ड में त्रुटि की पुष्टि होती है, तो उसके सुधार के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।