लाड़ली बहना योजना का प्रभाव: आधी आबादी को साधने के लिए सीएम मोहन यादव आज खातों में भेजेंगे 1750 रुपए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए मैहर से लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये की किस्त और 250 रुपये का अतिरिक्त शगुन भेजा जाएगा।
मध्य प्रदेश की सियासत में ‘आधी आबादी’ यानी महिला वोटरों की participation को अक्सर सबसे मजबूत माना जाता है। इसी महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक पैठ को थोड़ा और आगे, थोड़ा सा और ठीक करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मैहर से एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। यानी राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त बाहर करेंगे। यह इसलिए भी बेहद अहम है, क्योंकि इस बार नियमित 1,500 रुपए के साथ 250 रुपए का अतिरिक्त रक्षाबंधन शगुन भी जोड़ा जा रहा है और फिर कुल मिलाकर हर पात्र महिला के खाते में 1,750 रुपए पहुंचेंगे।
1 करोड़ 25 लाख महिलाओं का सॉलिड जनाधार
इस योजना का असर बस भाषणों में नहीं, आंकड़ों में भी दिखता है। लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के जरिए प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र महिला हितग्राहियों को सीधे-सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री मैहर से “सिंगल क्लिक” के ज़रिए इन विशाल लाभार्थी खातों में कुल 2,148 करोड़ रुपए से भी ज्यादा राशि ट्रांसफर करेंगे। कहना गलत नहीं होगा कि इससे महिलाओं के बीच सरकार की छवि और ज्यादा विश्वसनीय लगेगी।
रक्षाबंधन शगुन: त्योहारों पर फाइनेंशियल मजबूती की सोच
राजनीतिक नज़र से, त्योहारों के मौके पर जनता को सीधे फायदा देना एक काटेदार रणनीति मानी जाती है। इस बार रक्षाबंधन के खास मौके पर 1,500 रुपए की नियमित किस्त में 250 रुपए का अतिरिक्त शगुन जोड़कर सरकार ने महिलाओं की नाराज़गी नहीं… बल्कि दिल जीतने की कोशिश की है। अगस्त महीने में कुल 1,750 रुपए की यह सहायता महिलाओं को त्योहार मनाने में आर्थिक आजादी देगी, और उनके रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भी राहत का रास्ता खुलेगा।
39 किस्तों का ऐतिहासिक माइलस्टोन: 63 हजार करोड़ के पार
सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 38 नियमित किस्तें पूरी कर ली हैं। बुधवार को 39वीं किस्त जारी होने के बाद, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 39 किस्तों में 63,248 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बांटी जा चुकी होगी। इतनी बड़ी पूंजी का सीधा हस्तांतरण, महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
2026-27 के लिए 23,882 करोड़ का बड़ा बजट
लाड़ली बहना योजना की अहमियत को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 23,882.81 करोड़ रुपए का भारी भरकम बजट प्रावधान किया है। यह बजट साफ इशारा करता है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाना, सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। और आज मैहर से होने वाला यह फंड ट्रांसफर, इसी नीति का एक बड़ा हिस्सा बनकर सामने आएगा।
