छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी: हाई कोर्ट का अवमानना मामले में सख्त रूख, IG को तमीली के निर्देश
अवमानना मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने SP को 1 अक्टूबर को पेश करने के आदेश दिए हैं।
MP High Court: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक को एक अक्टूबर को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। एकलपीठ ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर के माध्यम से कराने के निर्देश जारी किये हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सुहागी जबलपुर निवासी सीता तिवारी की अवमानना याचिका से संबंधित है, जिनकी ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अवमानना याचिकाकर्ता के पति संतोष पांडे छिंदवाड़ा में पुलिसकर्मी थे। सेवानिवृत्ति उपरांत उनका निधन हो गया। इसके बावजूद दो लाख 24 हजार की रिकवरी निकाली गई। जिसके विरुद्ध हाई कोर्ट से राहतकारी आदेश पारित हो गया। लेकिन विभाग ने पालन नहीं किया। इसलिए अवमानना याचिका दायर की गई है।
2025 में जारी हुआ था अवमानना नोटिस
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 6 नवंबर2025 में अवमानना नोटिस जारी होने के बाद भी आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश नहीं की गई। कोर्ट को बताया गया कि छिंदवाड़ा एसपी ने 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अपर सचिव को पत्र लिखकर नोटिस मिलने और आवश्यक मंजूरी के संबंध में जानकारी दी थी, लेकिन इसके बाद भी आदेश के पालन की कार्रवाई नहीं हुई।
केवल नोटिस मिलने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं-HC
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि संबंधित अधिकारियों को नोटिस मिलने के बाद आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। रजिस्ट्रार को सिर्फ नोटिस प्राप्त होने की जानकारी देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। कोर्ट के अनुसार अधिकारियों को अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए थी।
1 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश
एकलपीठ ने कहा कि आदेश का पालन नहीं करना और नोटिस मिलने के बावजूद न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होना गंभीर स्थिति है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के पर्याप्त आधार हैं। हाईकोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर तय की है और छिंदवाड़ा SP को पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।


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