RDVV के कुलसचिव को निलंबित चौकीदार का खौफ! कुलगुरू को सुरक्षा के लिए लिखा पत्र; नहीं मिला जवाब
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने निलंबित चौकीदार रविंद्र तिवारी से खतरा बताते हुए कुलगुरु से सुरक्षा मांगी है।
Jabalpur News: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV), जबलपुर के कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने निलंबित चौकीदार रविंद्र तिवारी से खुद को खतरा बताते हुए कुलगुरु से सुरक्षा की मांग की है। कुलसचिव ने इस संबंध में 21 और 24 सितंबर को कुलगुरु को पत्र लिखे हैं। दोनों पत्रों की प्रतियां सिविल लाइन थाना प्रभारी, उच्च शिक्षा विभाग के अपर सचिव और कुलगुरु के निज सचिव को भी भेजी गई हैं।
निलंबित चौकीदार से खतरे का दावा
कुलसचिव ने अपने पत्र में कहा है कि रविंद्र तिवारी को कार्य में कथित कदाचरण के चलते निलंबित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तिवारी का व्यवहार उग्र है और वह अक्सर नशे की हालत में रहता है। पत्र के मुताबिक, पूर्व में भी तिवारी कथित तौर पर नशे की हालत में कुलसचिव कार्यालय पहुंचा था। उस समय कर्मचारियों ने उसे समझाइश देकर वापस भेज दिया था।
सहायक कुलसचिव से विवाद का भी जिक्र
21 सितंबर को भेजे गए पत्र में कुलसचिव ने विश्वविद्यालय में पूर्व में पदस्थ सहायक कुलसचिव पवन साहू से रविंद्र तिवारी के कथित विवाद का भी उल्लेख किया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि तिवारी ने पवन साहू के साथ झूमाझटकी, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया था। उनके घर जाकर भी कथित तौर पर गाली-गलौज और दरवाजा तोड़ने का प्रयास किए जाने का उल्लेख पत्र में है।
कुलसचिव के अनुसार, तिवारी ने पवन साहू पर महिला उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया। यह मामला जांच में होने की बात कही गई है।
‘अकेला रहता हूं, नुकसान की आशंका’
कुलसचिव ने कुलगुरु को लिखे पत्र में बताया कि वह वर्तमान में जबलपुर में अकेले रह रहे हैं। उन्होंने निलंबन के बाद अपने खिलाफ षड्यंत्र या कुचक्र रचे जाने की आशंका जताई है।
उन्होंने झूठी शिकायत किए जाने और खुद को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका भी व्यक्त की। कुलसचिव ने कार्यालय और आवास पर सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
24 सितंबर को दोबारा मांगी सुरक्षा
21 सितंबर के पत्र पर कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए कुलसचिव ने 24 सितंबर को दोबारा पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि पहले दिए गए आवेदन पर अब तक कोई आदेश या कार्रवाई नहीं हुई है। उनके मुताबिक, घटना के बाद से वह भयग्रस्त हैं और इसका असर कार्यालय के कामकाज पर भी पड़ रहा है।
पूर्व महासचिव को नोटिस जारी
सुरक्षा की मांग के बीच कुलसचिव ने आरडीवीवी कर्मचारी नेता और पूर्व महासचिव राजेंद्र शुक्ला को भी 25 सितंबर को नोटिस जारी किया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राजेंद्र शुक्ला ने समाचारों की कटिंग विश्वविद्यालय के वॉट्सऐप ग्रुप में पोस्ट कर कुलसचिव की छवि धूमिल करने का प्रयास किया।
कुलसचिव ने नोटिस में समाचारों को ग्रुप में पोस्ट करने के पीछे उनके उद्देश्य पर स्पष्टीकरण मांगा है और इसे नियोक्ता की छवि प्रभावित करने वाला कृत्य बताया है। उनसे दो दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।


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