सुरक्षा बल में हड़कंप: ड्यूटी के बाद SSB जवान ने दी जान, सिस्टम पर उठे सवाल
सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक दुखद मामला भोपाल से सामने आया है। महाराष्ट्र निवासी 36 वर्षीय SSB जवान संदीप खारवाते ने ड्यूटी खत्म होने के बाद खुद को गोली मार ली। मौके से मराठी सुसाइड नोट मिला है, व्यक्तिगत कारणों का अंदेशा जताया जा रहा है।
देश और राज्य की सुरक्षा में तैनात जवानों के मानसिक दबाव और उनके व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब साढ़े 3 बजे सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 8 नंबर पोस्ट पर एक बेहद दुखद घटना घटी। 36 वर्षीय कांस्टेबल संदीप खारवाते ने अपनी ड्यूटी पूरी करने के तुरंत बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा तंत्र के भीतर जवानों के तनाव प्रबंधन (Stress Management) की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
महाराष्ट्र के रहने वाले थे 36 वर्षीय संदीप खारवाते
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, मृतक जवान संदीप खारवाते मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे और अपनी सेवाएं भोपाल स्थित SSB पोस्ट पर दे रहे थे। जब उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया, तब गोली की तेज आवाज सुनकर मौके पर मौजूद अन्य जवानों के बीच अफरा-तफरी मच गई। साथी जवानों ने ही घटना की प्रारंभिक जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
सिस्टम की जांच: पुलिस को मिला मराठी में लिखा सुसाइड नोट
इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही पुलिस का जांच दल घटनास्थल पर पहुंचा। छानबीन के दौरान पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा—एक सुसाइड नोट जो पूरी तरह से मराठी भाषा में लिखा हुआ है। शुरुआती विभागीय जांच में पुलिस इस सिस्टमैटिक और दुखद घटना के पीछे व्यक्तिगत कारणों को आत्महत्या की मुख्य वजह मानकर अपनी पड़ताल को आगे बढ़ा रही है।
मर्ग कायम, पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया पहुंचा शव
कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए कमला नगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। महाराष्ट्र में बैठे मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, मौत के असल कारणों की पुष्टि के लिए शव को भोपाल के शासकीय हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन अब बरामद हुए सुसाइड नोट और घटनास्थल पर मिले अन्य साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है।
