आदिवासी युवाओं को मोहन सरकार की बड़ी सौगात: 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित कर शहडोल से दिया खेल विकास का संदेश
मध्य प्रदेश की सियासत में आदिवासी युवाओं को साधने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहडोल में 70वीं राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए सीएम ने 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित किया है।
खेल और राजनीति के संगम से युवाओं को साधने की पहल
मध्य प्रदेश की सियासत में युवा और आदिवासी वर्ग हमेशा से केंद्र में रहा है। इसी वोटबैंक और समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 सितंबर को शहडोल जिले में 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का वर्चुअली शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश दिया। सीएम ने कहा कि हमारे जनजातीय अंचल आज साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं है। 'मिनी ब्राजील' के रूप में अपनी धाक जमा चुका शहडोल आज बास्केटबॉल का एक बड़ा कुंभ आयोजित कर रहा है, जो सरकार की सफल नीतियों का ही एक हिस्सा है।
शहडोल: मिनी ब्राजील के रूप में खेलों का नया केंद्र
आदिवासी बेल्ट में सरकार के फोकस को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल को खेल की दुनिया का उभरता हुआ सितारा बताया। उन्होंने विचारपुर गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि आज यह जगह फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में देश-दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बना चुकी है। सरकार का यह प्रयास है कि फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल और कबड्डी के साथ-साथ अब बास्केटबॉल भी यहां के युवाओं के बीच समान रूप से लोकप्रिय हो।
यूथ गेम्स और 'खेलो एमपी' का जमीनी असर
सरकार की 'खेलो एमपी' और 'यूथ गेम्स' जैसी राज्य स्तरीय योजनाओं के प्रभाव पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे सुदूर आदिवासी अंचल से निकलकर खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। शहडोल ने इन प्रतियोगिताओं में अपनी बेहद मजबूत हिस्सेदारी दर्ज कराई है। राजनीतिक तौर पर यह एक बड़ी उपलब्धि है कि इसी जिले ने प्रदेश को ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेर कर आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है।
संसाधनों के अभाव से 3 बास्केटबॉल कोर्ट तक का सफर
सीएम डॉ. मोहन यादव ने खेल के बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए बताया कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से बहुत पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है। उन्होंने माना कि पहले खिलाड़ियों के पास संसाधन सीमित थे, लेकिन उनका उत्साह कभी कम नहीं पड़ा। इसी का परिणाम है कि सरकार और प्रशासन के सहयोग से आज शहडोल में तीन आधुनिक बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। पिछले 15 वर्षों में शहडोल की टीम ने राज्य स्तर पर जो बेहतरीन खेल दिखाया है और राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिताओं में जो पदक जीते हैं, वह इस इलाके की प्रतिभा का असली परिचय है।
10 संभाग और 240 खिलाड़ी: अनुशासन का बड़ा मंच
सीएम डॉ. मोहन यादव ने खेलों को सामाजिक अनुशासन से जोड़ते हुए कहा कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं सिर्फ शारीरिक कसरत नहीं हैं, बल्कि ये बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम स्प्रिट विकसित करने का एक मजबूत माध्यम हैं। खेल बच्चों के व्यक्तित्व, उनके आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का भी काम करते हैं। जब एक युवा खिलाड़ी कोर्ट में पसीना बहाता है, तो वह पूरे देश, प्रदेश और अपने जिले का नाम रौशन करता है। उन्होंने 10 संभागों से आए 17 वर्ष तक की आयु के 240 खिलाड़ियों को 'ऑल द बेस्ट' कहकर अपना समर्थन दिया।
मेजबानी का गौरव और सीखने की भावना पर जोर
सरकार की खेल नीतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने याद दिलाया कि वर्ष 2023-24 में हुए शानदार प्रदर्शन के आधार पर ही वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी का बड़ा मौका मिला था। यह पूरे जिले के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक और सामाजिक परिपक्वता के साथ कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है, इसलिए हार-जीत से ज्यादा सीखने की भावना से खेलना चाहिए।
2027 'युवा वर्ष': युवाओं के लिए सरकार का मास्टरस्ट्रोक
आने वाले चुनावों और युवा नीति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष 2027 को पूरे मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा। सरकार का यह मास्टरस्ट्रोक सीधे तौर पर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व (लीडरशिप) विकास पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से एकजुट होकर खेलने और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाने की अपील की।
पूरी सरकारी मशीनरी रही कार्यक्रम में मौजूद
इस राजनीतिक और खेल आयोजन को सफल बनाने के लिए सरकार के कई बड़े मंत्री वर्चुअली और प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और अन्य विभागीय अधिकारी इस दौरान उपस्थित रहे।

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