MP में ओवैसी की एंट्री से गरमाई सियासत: UCC विरोध के बाद रामेश्वर शर्मा ने AIMIM चीफ को बताया जिन्ना की औलाद
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भोपाल में यूसीसी के विरोध में ओवैसी की जनसभा के बाद बीजेपी आक्रामक हो गई है।

मध्य प्रदेश की सियासत में 'मिसाइल' और 'जिन्ना' की गूंज
मध्य प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक को साधने असदुद्दीन ओवैसी की सीधी एंट्री ने सियासी पारे को एकदम उबाल पर ला दिया है। भोपाल के काजी कैंप पर मिसाइल गिराने वाले पुराने बयान को लेकर अब भाजपा के फायरब्रांड विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच बड़ा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। हुआ यूं कि मंगलवार को ओवैसी भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के खिलाफ एक जनसभा करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शर्मा के बयान पर सियासी पलटवार करते हुए चुनौती दी थी कि हिम्मत है तो काजी कैंप पर मिसाइल गिराकर दिखाएं। इस राजनीतिक चुनौती का आक्रामक जवाब देते हुए बीजेपी विधायक ने ओवैसी को सीधे तौर पर 'जिन्ना की औलाद' बताकर एक नया और तीखा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर बीजेपी का सख्त रुख
रामेश्वर शर्मा ने इस सियासी लड़ाई को राष्ट्रवाद के मुद्दे से जोड़ते हुए ओवैसी की चुनौती फौरन स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि वह ओवैसी को उन्हीं की भाषा में जवाब देने के लिए तैयार हैं। शर्मा ने कहा कि ओवैसी कान खोलकर सुन लें, उनके पुर्खों के मुगालते भारत ने पहले भी दूर किए हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' का राजनीतिक हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आतंकी ठिकानों पर जो हमले किए हैं, उसके जरिए इस्लामाबाद की आतंकी सरकार को भी तहस-नहस करने की पूरी तैयारी है। शर्मा ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया कि जो भी आतंकवाद या नक्सलवाद को बढ़ावा देगा, उस पर हमारी मिसाइलें गिरेंगी और भारत सरकार की कार्रवाई ऐसे ही जारी रहेगी।
राहुल गांधी और ओवैसी पर ध्रुवीकरण का सीधा आरोप
सियासी हमले को और ज्यादा धार देते हुए रामेश्वर शर्मा ने इस पूरे विवाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी घसीट लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से ही ओवैसी और राहुल गांधी जैसी 'जिन्ना की औलादें' हिंदुस्तान में भटक रही हैं और अपना प्रभाव फैला रही हैं। बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि ये नेता देश में जानबूझकर हिंदू और मुसलमान के बीच तनाव पैदा कर ध्रुवीकरण की राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और आतंकवाद पनपने वाली हर जगह (भारत के खिलाफ) पर मिसाइल जरूर गिरेगी।
230 सीटों का सियासी चैलेंज और हैदराबाद का इतिहास
मध्य प्रदेश के आगामी चुनावों को देखते हुए रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी को राज्य की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का खुला चैलेंज दे डाला। उन्होंने हैदराबाद की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि ओवैसी चाहें जहां भाग जाएं, शर्मा हर जगह खड़े मिल सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हैदराबाद किसी के बाप का नहीं है; सरदार पटेल ने ही नवाब से दस्तखत करवाकर उसे चुपचाप हिंदुस्तान में मिला लिया था। शर्मा ने कहा कि वो दिन दूर नहीं जब इस्लामाबाद में भी तिरंगा फहराएगा और वंदेमातरम गाया जाएगा। उन्होंने ओवैसी को ललकारते हुए कहा कि अगर दम है तो मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ें, उन्हें क्लीन बोल्ड कर धूल चटा दी जाएगी।
UCC और हलाला के मुद्दे पर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के राजनीतिक मुद्दे पर शर्मा ने ओवैसी को कांग्रेस की भाषा बोलने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि खाना खाने से लेकर बात-बात पर हिंदू-मुस्लिम करने वाले ओवैसी और राहुल क्या भारत के कानून से नफरत करते हैं? उन्होंने दलित वोट बैंक को भी साधते हुए याद दिलाया कि खुद बाबा साहब अंबेडकर एक देश-एक कानून (समान नागरिक कानून) चाहते थे। शर्मा ने आरोप लगाया कि हिंदू वोट के लिए सब राजनीति कर रहे हैं, लेकिन ओवैसी मुल्ला-मौलवियों का साथ देकर मुस्लिम महिलाओं के साथ 'हलाला' जैसा अमानवीय अन्याय जारी रखना चाहते हैं, जिसे बीजेपी हरगिज नहीं होने देगी।
मंगलवार की वह जनसभा जिसने खड़ा किया यह राजनीतिक तूफान
इस पूरे राजनीतिक भूचाल की शुरुआत मंगलवार को ही हुई थी, जब ओवैसी ने भोपाल में यूसीसी के विरोध में एक बड़ी जनसभा की थी। इसी मंच से उन्होंने काजी कैंप पर मिसाइल गिराने वाले रामेश्वर शर्मा के बयान पर सीधा हमला बोला था। ओवैसी ने ललकारते हुए कहा था, 'रामेश्वर शर्मा, तुम आगर माई के लाल हो तो काजी कैंप पर मिसाइल गिराकर दिखाओ। मैं अकेला वहां खड़ा रहूंगा और शहीद होने को तैयार हूं।' ओवैसी ने कहा था कि वह किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं और तंज कसा था कि शर्मा को काजी के बारे में कुछ पता नहीं है, वे सिर्फ खाना खाने के बाद भोपाल में ही एक मिसाइल गिरा सकते हैं।





