एमपी हाई कोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, इन नामों पर लगी मुहर
MP हाईकोर्ट में सात नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंजूरी दे दी है।

MP High Court New Judges: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में सात अधिवक्ताओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नियुक्ति के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सरकारी प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही नियुक्तियां प्रभावी होंगी।
इन 7 अधिवक्ताओं के नामों पर लगी मुहर
कॉलेजियम ने जिन सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनाने की मंजूरी दी है, उनमें इंदौर के डॉ. विवेक शरण, ग्वालियर के राजेश कुमार शुक्ला और इंदौर की भक्ति व्यास शामिल हैं। इनके अलावा जबलपुर से कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह, श्रेयस पंडित और अविनाश जरगर के नाम पर मुहर लगी है। सातवें अधिवक्ता के रूप में नई दिल्ली के मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजुमदार के नाम की सिफारिश की गई है। इन सभी अधिवक्ताओं को न्यायाधीश पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।
53 स्वीकृत पद, फिलहाल 38 जज कार्यरत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। सितंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, हाईकोर्ट में 38 न्यायाधीश कार्यरत थे और 15 पद खाली थे। सातों नियुक्तियां पूरी होने पर कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। इसके बाद भी स्वीकृत पदों के मुकाबले 8 पद रिक्त रहेंगे। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से अदालत के कामकाज में मदद मिलने और लंबित मामलों की सुनवाई में राहत की उम्मीद है।
अब आगे क्या होगा?
कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद अब केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय और राष्ट्रपति भवन के स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। वहां से औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही सातों अधिवक्ता पद की शपथ लेंगे और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे।



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