SGST अधिकारी के 3 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, आय से 264.64% ज्यादा मिली संपत्ति
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने SGST अधिकारी मनीष कुमार जैन के जबलपुर, भोपाल और सागर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। शुरुआती जांच में ज्ञात आय करीब 1.04 करोड़ और खर्च 3.78 करोड़ रुपये पाया गया।


Lokayukta Raid on SGST Officer: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने राज्य जीएसटी (SGST) विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह जबलपुर, भोपाल और सागर में उनके ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में अधिकारी की ज्ञात आय और खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। टीम अब उनके और परिवार के नाम पर दर्ज संपत्तियों, निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
आय करीब 1.04 करोड़, खर्च 3.78 करोड़ रुपये
लोकायुक्त की शुरुआती जांच के अनुसार, मनीष कुमार जैन की ज्ञात आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपये दर्ज की गई, जबकि उनका कुल व्यय 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये पाया गया। लोकायुक्त के मुताबिक, यह खर्च उनकी ज्ञात आय का 364.64% है। यानी ज्ञात आय से 2 करोड़ 74 लाख 52 हजार 390 रुपये अधिक खर्च का हिसाब सामने आया है। यह अंतर ज्ञात आय से 264.64% ज्यादा है। इन आंकड़ों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ केस
लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया ने शिकायत का सत्यापन किया। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह करीब 6 बजे से जबलपुर, भोपाल और सागर में तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई।
पत्नी और माता-पिता के नाम पर भी संपत्तियां
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में अधिकारी के साथ उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और माता शशि जैन के नाम पर भी संपत्तियों की जानकारी मिली है। इनमें जबलपुर और भोपाल में जमीन, प्लॉट, बंगला और फ्लैट तथा सागर जिले के बंडा में प्लॉट पर बना मकान शामिल है। इसके अलावा सागर जिले के बंडा में एक प्लॉट पर बने मकान की जानकारी भी सामने आई है। पत्नी के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस स्कूटर खरीदे जाने की जानकारी मिली है। परिवार के सदस्यों के नाम पर बीमा पॉलिसियां भी बताई गई हैं।
दमोह में पदस्थ हैं अधिकारी
मनीष कुमार जैन जबलपुर की रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में रहते हैं और वर्तमान में दमोह में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त की टीमें उनके अलग-अलग ठिकानों पर संपत्ति और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, उनकी खरीद के स्रोत और आय-व्यय के अंतर को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की शुरुआती जांच से जुड़े हैं।


.jpg&w=3840&q=75)
.jpg&w=3840&q=75)
