जबलपुर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिरा बिजली का तार, करंट से 2 युवकों की मौत, 8 झुलसे
जबलपुर के मझौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली का तार ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया। करंट से दो युवकों की मौत और आठ लोग घायल हुए।

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Jabalpur News: जबलपुर जिले के मझौली में महाकाली प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बुधवार रात करीब 1 बजे बिजली का तार टूटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया। करंट की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलस गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई गई है, जिसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया।
विसर्जन के लिए जा रहे थे, तभी टूटकर गिरा तार
जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन पाठ की प्रतिमा को नरीली तालाब में विसर्जित करने के लिए ले जाया जा रहा था। जुलूस में 50 से ज्यादा लोग शामिल थे। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण रास्ते में आ रहे बिजली के तारों को लकड़ी के डंडों की मदद से ऊपर उठाने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान हाईटेंशन लाइन के तार नीचे की ओर झूल गए और प्रतिमा में लगे लोहे के फ्रेम से टकरा गए। इससे लोहे के ढांचे में तेज करंट दौड़ गया। हादसे में विकास राजपूत (22) और प्रिंस चौहान (23) की मौत हो गई। जबकि आठ लोग झुलस गए।
दो युवकों की मौत के बाद मझौली में चक्काजाम
हादसे से नाराज लोगों और मृतकों के परिजनों ने मझौली में सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। मामले को लेकर विधायक अजय बिश्नोई ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।
चार घायलों को मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
हादसे में मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार समेत कई लोग घायल हुए। उन्हें उपचार के लिए पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए कुछ घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एक घायल को वेंटिलेटर पर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना के समय वहां पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था और डॉक्टर करीब आधे घंटे बाद पहुंचे। लोगों के मुताबिक, तब तक विकास और प्रिंस की मौत हो चुकी थी।
मृतक के परिवार ने बिजली कंपनी पर लगाए आरोप
मृतक विकास राजपूत के बड़े भाई सौरव राजपूत ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नरेला तालाब के पास हाईटेंशन लाइन को ऊंचा करने के लिए पहले भी अधिकारियों को बताया गया था, लेकिन शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
स्थानीय लोगों का भी दावा है कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और समिति के सदस्यों की बैठक में बिजली के तार नीचे लटकने की समस्या उठाई गई थी। तारों को ठीक कराने की मांग भी की गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं हुआ।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
हादसे के बाद बिजली लाइन की स्थिति, तार टूटने की वजह और पहले दी गई शिकायतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल बिजली कंपनी की लापरवाही और स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। जांच के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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