कौन हैं ढाल सिंह बिसेन? पोते के साथ टहलते वक्त भोपाल से आया फोन, और बन गए राज्यपाल
ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। जानिए कैसा रहा ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर
Dhal Singh Bisen: मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री ढाल सिंह बिसेन के लिए सोमवार का दिन भी आम दिन जैसा था। सिवनी शहर में अपने घर पर रात में रोज की तरह अपने पोते के साथ टहल रहे थे, तभी भोपाल से एक फोन आया। जिसमें कहा गया कि उन्हें उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके कुछ ही देर बाद उनके आवास पर लोगों का जमावड़ा लग गया जो कुछ देर बाद जश्न में तब्दील हो गया।
उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने बिसेन
पूर्व लोकसभा सदस्य और कई बार विधायक रहे बिसेन सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नियुक्त किए गए छह नए राज्यपालों में शामिल थे। वह उत्तराखंड के लोकभवन में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे।
पंचायत से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। वह आयुर्वेदिक डॉक्टर होने के साथ-साथ किसान भी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गांव में पंच के रूप में की थी। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में आगे बढ़े और फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
1990 में पहली बार बने विधायक
बीजेपी के टिकट पर ढाल सिंह बिसेन ने 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी वह सिवनी जिले के बरघाट सीट से विधायक चुने गए। इस तरह उन्होंने लगातार चार बार जीत हासिल की। इस दौरान 2003 से 2005 के बीच वह भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। बाद में बरघाट सीट अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हो गई। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें केवलारी सीट से चुनाव लड़ाया, लेकिन 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2011 से 2013 के बीच बिसेन को मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।
बालाघाट लोकसभा सीट से रहे सांसद
बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बालाघाट सीट प्रत्याशी बनाया था। जहां से जीत हासिल करने के बाद वह पहली बार सांसद बने थे। 2024 में पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया था। लेकिन अब 2 साल बाद ही उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। ढाल सिंह बिसेन अब उत्तराखंड राज्य के 9वें राज्यपाल बनेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव समेत मध्य प्रदेश के सीनियर नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी है।








