Katni News : संजय पाठक की कंपनी से 1.5 करोड़ की साइबर ठगी, फर्जी WhatsApp मैसेज से हुआ खेल
Katni News : शुरुआती जांच में बाकी रकम कोलकाता के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होने और एटीएम से निकाले जाने की जानकारी मिली है।
Katni News : कटनी। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी से करीब 1.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने कंपनी के सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी WhatsApp मैसेज भेजा। मैसेज में कंपनी के अकाउंटेंट को दूसरे खाते में तत्काल रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। परिचित नंबर देखकर अकाउंटेंट ने मैसेज पर भरोसा किया और बताए गए खाते में 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सीनियर डायरेक्टर के नंबर से आया मैसेज
घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट के मोबाइल पर सीनियर डायरेक्टर के नंबर से WhatsApp मैसेज आया। इसमें दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये भेजने को कहा गया था।
अकाउंटेंट के लिए नंबर परिचित था, इसलिए उन्हें मैसेज पर संदेह नहीं हुआ। उन्होंने निर्देश के अनुसार रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में पता चला कि यह मैसेज सीनियर डायरेक्टर ने भेजा ही नहीं था।
शाम को खुला साइबर ठगी का राज
बताया गया है कि शाम करीब 5 बजे संजय पाठक के फ्लाइट से उतरने के बाद मामले का खुलासा हुआ। सीनियर डायरेक्टर से संपर्क करने पर उन्होंने ऐसा कोई मैसेज भेजने से इनकार किया।
इसके बाद कंपनी के अधिकारियों को समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ठगों ने सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किस तरह किया और अकाउंटेंट तक फर्जी निर्देश कैसे पहुंचाए।
पुलिस ने 16 लाख रुपये होल्ड कराए
ठगी की जानकारी मिलते ही संजय पाठक ने कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा को इसकी सूचना दी। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम तुरंत सक्रिय हुई।
पुलिस ने उस बैंक खाते को ट्रेस किया, जिसमें ठगी की रकम का एक हिस्सा ट्रांसफर हुआ था। कार्रवाई करते हुए करीब 16 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए। इससे ठगी की रकम के कुछ हिस्से को सुरक्षित करने में मदद मिली है।
बाकी रकम के ट्रांजेक्शन की जांच
संजय पाठक के अनुसार, शुरुआती जांच में बाकी रकम कोलकाता के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होने और एटीएम से निकाले जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन सभी ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ रही है।
जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में पहुंची और उसे किसने निकाला। आरोपियों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है।
कोतवाली थाने में दर्ज हुआ मामला
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि मामले में कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। साइबर सेल की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और पैसों के ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को ट्रेस करने के प्रयास जारी हैं। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
फर्जी मैसेज से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
यह मामला दिखाता है कि परिचित मोबाइल नंबर से आए मैसेज पर भी बिना पुष्टि के बड़ी रकम ट्रांसफर करना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर कंपनी के वित्तीय लेनदेन में किसी भी बड़े भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क कर पुष्टि करना जरूरी है।
WhatsApp पर मिले निर्देश के आधार पर तुरंत रकम भेजने के बजाय बैंक खाते और भुगतान संबंधी जानकारी का दोबारा सत्यापन करना साइबर ठगी से बचने का अहम तरीका है।
