Narsinghpur Temple Theft : नरसिंहपुर में 3 मंदिरों की चोरी का खुलासा, 100 साल पुरानी प्रतिमाएं बरामद
Narsinghpur Temple Theft : पुलिस ने आरोपियों की पहचान नन्हे सिंह उर्फ समरेश राजपूत, आकाश उर्फ छोटू राजपूत, बृजेश गौड़ और रोहित उर्फ कुट्टू के रूप में की है।
Narsinghpur Temple Theft : नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में लगातार तीन मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने करीब 15 दिनों की जांच के बाद चार सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चोरी किया गया सामान भी बरामद किया गया है। इस कार्रवाई से उन मामलों का खुलासा हो गया है, जिनसे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और अन्य बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन प्रमुख मंदिरों को बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार चोरी की घटनाएं करेली थाना क्षेत्र के सगौरिया जैन मंदिर, पलोहा थाना क्षेत्र के लिलवानी माता मंदिर और तेंदूखेड़ा स्थित खेरापति मंदिर में हुई थीं। इन धार्मिक स्थलों से चोरी की घटनाओं के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश का माहौल था। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने जल्द कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर मामले की जांच तेज कर दी।
तकनीक, CCTV और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया। इन सुरागों के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान नन्हे सिंह उर्फ समरेश राजपूत, आकाश उर्फ छोटू राजपूत, बृजेश गौड़ और रोहित उर्फ कुट्टू के रूप में की है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में चारों आरोपियों ने तीनों मंदिरों में चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
100 साल पुरानी प्रतिमाएं और दानपेटी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सगौरिया जैन मंदिर से चोरी हुई करीब 100 वर्ष पुरानी दो प्रतिमाएं और एक सिंहासन बरामद किया है। इसके अलावा लिलवानी माता मंदिर से चोरी की गई दानपेटी, शंख पात्र और कृत्रिम आभूषण भी बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का कटर भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की पहचान और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
शक्कर नदी में फेंकी गईं 16 प्रतिमाएं
पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने एक और महत्वपूर्ण जानकारी आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी की गई अन्य 16 प्रतिमाओं को शक्कर नदी में फेंक दिया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने नदी में विशेष सर्च अभियान शुरू किया है। गोताखोरों और संबंधित टीमों की मदद से प्रतिमाओं की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सभी प्रतिमाएं बरामद हो सकेंगी या नहीं।
जांच अभी भी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की वारदातों में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और चोरी के सामान को ठिकाने लगाने के संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।