भोपाल में स्वतंत्रता दिवस के मंच से सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी के नेतृत्व और 2047 के विकसित भारत का रखा विजन
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर भोपाल से सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान का राजनीतिक विजन रखा। हेमंत खंडेलवाल ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का बड़ा दावा किया।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम केवल एक राष्ट्रीय पर्व का जश्न नहीं रहा, बल्कि यह राज्य सरकार की राष्ट्रवादी नीतियों और केंद्र के विजन को जनता तक पहुंचाने का एक बड़ा राजनीतिक मंच भी साबित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ओजस्वी संबोधन के जरिए भारत के उज्जवल भविष्य और वैश्विक पटल पर देश की एक अलग पहचान का खाका खींचा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीतियों और भारत की मजबूत छवि को लेकर जनता के बीच एक सकारात्मक प्रभाव स्थापित करना चाहती है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में 'मानवता' और 'वैश्विक पहचान' की राजनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया भारत से परिचित हो रही है। उन्होंने इस बात पर राजनीतिक जोर दिया कि हमारा देश बेहतरीन लक्ष्यों के लिए दुनिया के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर मानवता की स्थापना के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। यह बयान केंद्र सरकार की 'विश्वगुरु' वाली छवि को राज्य स्तर पर और अधिक मजबूत करने की एक सोची-समझी कूटनीति का हिस्सा है।
राष्ट्रवाद: झांसी की रानी और प्रवासी भारतीयों का विशेष उल्लेख
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रवाद की भावना को गहराई से उभारने के लिए देश की आजादी की लंबी लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने रणनीतिक रूप से वीरांगना झांसी की रानी और तमाम क्रांतिकारियों की कुर्बानियों को याद किया। इसके अलावा, प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करना और उस काल को याद दिलाना जब देश पर चोट करने का प्रयास किया गया था, यह सरकार की उस नीति को दर्शाता है जो हर भारतीय (देश और विदेश में) को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ती है।
2047 का विकसित भारत: हेमंत खंडेलवाल का संकल्प
कार्यक्रम में राजनीतिक विजन को और धार देते हुए हेमंत खंडेलवाल ने अपने संबोधन में 2047 के लक्ष्य को केंद्र में रखा। हजारों लोगों की शहादत को नमन करने और सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने के बाद, उन्होंने जोर देकर कहा कि 2047 तक भारत निश्चित रूप से एक विकसित देश बनेगा। यह सीधा तौर पर सरकार के 'अमृत काल' के लक्ष्य का जमीनी राजनीतिक विस्तार है।
