जबलपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई! 28 पटाखा दुकानें की सील; नहीं मिले फायर NOC, लाइसेंस निरस्त
जबलपुर के कठौंदा पटाखा बाजार में बिना जरूरी Fire NOC और सुरक्षा मानकों में कमियों के चलते 28 पटाखा दुकानों को सील किया गया।

Jabalpur News: दीपावली से पहले जबलपुर के कठौंदा पटाखा बाजार में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। फायर एनओसी और जरूरी सुरक्षा मानकों से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर 28 स्थायी पटाखा दुकानों को सील कर दिया गया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम आधारताल मदन सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अभियान में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की टीम भी शामिल रही।
50 से ज्यादा दुकानों वाले बाजार में 28 पर कार्रवाई
कठौंदा में 50 से अधिक पटाखा दुकानें संचालित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान 28 दुकानों को चिह्नित कर सील किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन दुकानों के संचालक जरूरी अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी Fire NOC प्रस्तुत नहीं कर सके।
लाइसेंस निरस्त होने के बाद सील की गईं दुकानें
जानकारी के अनुसार संबंधित दुकानों के स्थायी पटाखा लाइसेंस निरस्त करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। दुकानदारों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन जरूरी अनुमतियां और शर्तें पूरी नहीं होने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई की। एक स्थानीय रिपोर्ट में शर्तें पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिए जाने का भी उल्लेख है।
SDM के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम
एसडीएम आधारताल मदन सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में राजस्व विभाग, तहसील प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम कठौंदा बाजार पहुंची। टीम ने चिह्नित दुकानों को बंद कर सील किया। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य पटाखों के कारोबार में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और आगजनी जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करना बताया गया है।
पहले भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे थे सवाल
कठौंदा का पटाखा बाजार पहले भी सुरक्षा कारणों से चर्चा में रहा है। फरवरी 2024 में हरदा पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद जबलपुर प्रशासन ने बाजार की 41 दुकानों को लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन, फायर एनओसी और रिकॉर्ड संबंधी कमियों के चलते सील किया था।
वहीं, सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में कठौंदा पटाखा बाजार के लिए धुआं उठते ही अलार्म बजने और आग की स्थिति में चार लाख लीटर पानी उपलब्ध कराने वाली फायर सेफ्टी व्यवस्था का जिक्र किया गया था। ऐसे में हालिया कार्रवाई में सामने आई फायर एनओसी की कमी बाजार में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर फिर सवाल खड़े करती है।
नियमों का पालन नहीं हुआ तो आगे भी कार्रवाई
पटाखों का भंडारण और बिक्री आग तथा विस्फोट के जोखिम से जुड़ा कारोबार है। इसलिए लाइसेंस की शर्तों, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी अनुमतियों का पालन महत्वपूर्ण है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब संबंधित दुकानदारों को आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी। हालांकि, सभी दुकानों के लाइसेंस निरस्तीकरण आदेशों और प्रत्येक दुकान में मिली कमियों का विस्तृत आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर मामले की पूरी स्थिति और स्पष्ट होगी।







